परिचय: क्या है उत्तरकाशी(उत्तराखंड )का यह पारंपरिक मीठा Pahadi Aska Recipe (आस्का)
इसे हमारे यहाँ असका कहा जाता है, लेकिन उत्तराखंड के कुछ इलाकों में इसे मीठी लगड़ी के नाम से भी जाना जाता है
Jump to Recipe- क्या आपने कभी पहाड़ के असली (Pahadi Aska Recipe)और पारंपरिक स्वाद चखे हैं? अगर नहीं, तो आज हम आपके लिए लेकर आए हैं उत्तरकाशी की एक बेहद खास और पारंपरिक रेसिपी—मीठा आस्का।
- झंगोरे के पौष्टिक आटे और मक्के के मिक्स आटे के मेल से बनने वाला यह मीठा आस्का न सिर्फ खाने में लाजवाब होता है, बल्कि सेहत से भी भरपूर है।
- तो देर किस बात की? आइए जानते हैं घर पर ही आसानी से पारंपरिक पहाड़ी स्टाइल में मीठा आस्का बनाने की यह धमाकेदार रेसिपी
Quick Overview (रेसिपी एक नजर में)
| Prep Time (तैयारी का समय): | 10 मिनट |
| Cook Time (पकाने का समय) | 15 मिनट |
| Total Time (कुल समय) | 25 मिनट |
| Servings (कितने लोगों के लिए) | 4 लोगों के लिए |
| Course (कोर्स) | Traditional Pahadi Sweet / Breakfast |
| Cuisine (व्यंजन) | Uttarakhand / Uttarkashi Cuisine |
| Key Ingredients (मुख्य सामग्री) | झंगोरे का आटा, और मक्के का आटा, गुड़, और घी,या तेल |
Pahadi Aska Recipe सामग्री (Ingredients for 4-5 Servings)
| झंगोरे का आटा | 3 कप (लगभग 450 ग्राम) |
| मक्की का आटा | 1 कप (लगभग 150 ग्राम) |
| गुड़ (बारीक किया हुआ या चीनी) | डेढ़ से 2 कप (लगभग 300 से 350 ग्राम, स्वादानुसार) |
| पानी | आवश्यकतानुसार (घोल तैयार करने के लिए, लगभग 700 से 800 मिलीलीटर) |
| घी या शुद्ध सरसों का तेल | 4 से 5 बड़े चम्मच (आस्का सेकने के लिए) |
| सौंफ या इलायची पाउडर | 1 छोटा चम्मच (लगभग 5 से 7 ग्राम) |
Pahadi Aska Recipe विकल्प की सूची (Variations & Alternatives)
- मिठास का विकल्प: गुड़ की जगह आप देसी शक्कर (खांड), या सादी चीनी का भी इस्तेमाल कर सकते हैं
- दूसरे आटे का विकल्प: चावल का आटा और इसके अलावा आप चाहें तो इसमें गेहूं का आटा मिला सकते हैं
- सेकने के लिए विकल्प: पारंपरिक स्वाद के लिए शुद्ध घी या पहाड़ी सरसों का तेल सबसे बेस्ट रहता है, लेकिन आप अपनी पसंद के अनुसार रिफाइंड ऑयल या बटर का भी उपयोग कर सकते हैं
- सुगंध और स्वाद के विकल्प: (Pahadi Aska Recipe) के लिए सौंफ और इलायची पाउडर के अलावा अगर आपको पसंद हो, तो आप इसमें कद्दूकस किया हुआ सूखा नारियल या बारीक कटे हुए ड्राई फ्रूट्स (बादाम और किशमिश) भी घोल में मिला सकते हैं
Pahadi Aska Recipe बनाने की विधि (Step-by-Step Instructions)
- स्टेप 1: आटे का मिश्रण मिलाएं
- (Pahadi Aska Recipe) के लिए एक बड़े बर्तन या परात में 3 कप झंगोरे का आटा और 1 कप मक्के का आटा को आपस में अच्छी तरह मिला लें
- इसमें सौंफ या इलायची पाउडर भी मिला दें ताकि आस्का में बढ़िया खुशबू आए

- स्टेप 3: चिकना बैटर (घोल) बनाएं
- मिक्स्ड आटे में थोड़ा-थोड़ा करके गुड़ का तैयार किया हुआ पानी डालें
- इसे विस्क (whisk) या चम्मच की मदद से लगातार मिलाते जाएं ताकि इसमें कोई गांठ (lumps) न रहे

- घोल की कंसिस्टेंसी (consistency) न तो बहुत ज्यादा गाढ़ी होनी चाहिए और न ही बहुत पतली (चीले या डोसे के बैटर जैसी मध्यम गाढ़ांस होनी चाहिए)। घोल को 10 मिनट के लिए ढककर रख दें ताकि आटा अच्छी तरह फूल जाए

- स्टेप 4: तवा गरम करें
- गैस पर लोहे का तवा या नॉन-स्टिक तवा मध्यम आंच पर गर्म होने के लिए रखें
- तवे पर थोड़ा सा घी या पहाड़ी सरसों का तेल लगाकर उसे चिकना कर लें
- स्टेप 5: आस्का फैलाएं और ऊपर से गुड़ डालें
- एक बड़ा चमचा (करछी) भरकर बैटर लें और उसे तवे के बीच में डालें
- हल्के हाथों से चम्मच की मदद से बैटर को गोल आकार में फैला लें (इसे बहुत ज्यादा पतला न करें, हल्का मोटा ही रखें)उसके ऊपर तुरंत बारीक किया हुआ गुड़ का बूरा समान रूप से छिड़क दें
- आंच को मध्यम रखें और किनारों पर थोड़ा सा घी या तेल टपकाएंआंच को धीमा (Low flame) कर दें और तवे पर ढक्कन लगा दें
- स्टेप 6: ढँककर धीमी आंच पर पकाएं
- इसे सिर्फ एक ही तरफ से तब तक पकने दें जब तक नीचे की परत सुनहरी और क्रिस्पी न हो जाए और ऊपर से गुड़ अच्छी तरह पिघलकर आस्का के अंदर रच-बस न जाए

- इसमें पलटने की जरूरत नहीं पड़ती; धीमी आंच और भाप में यह ऊपर से भी पक जाता है
- जब नीचे से बढ़िया सिक जाए, तो इसे तवे से उतार लें
‘Pahadi Aska Recipe Chef Secret Tips (खास टिप्स)
- लोहे के तवे का इस्तेमाल: (Pahadi Aska Recipe) के लिए अगर संभव हो, तो इसे नॉन-स्टिक के बजाय पारंपरिक लोहे के तवे (Cast Iron Tawa) पर बनाएं। लोहे के तवे पर आस्का का निचला हिस्सा बेहद क्रिस्पी और सोंधा बनता है, जिसका असली स्वाद अलग ही आता है
- धीमी आंच और ढक्कन: चूंकि आस्का को सिर्फ एक तरफ से पकाया जाता है और ऊपर गुड़ डाला जाता है, इसलिए हमेशा धीमी आंच (Low Flame) पर ही पकाएं और ऊपर से ढक्कन जरूर लगाएं। इससे भाप में आटा अंदर तक अच्छी तरह पक जाएगा और कच्चा नहीं रहेगा
- गुड़ का चुनाव: (Pahadi Aska Recipe) के लिए अगर हो सके तो बाजार की चीनी की जगह उत्तराखंड के शुद्ध गुड़ या गुड़ के बूरे का इस्तेमाल करें। इससे आस्का में एक बेहतरीन पारंपरिक खुशबू और गहरा स्वाद आता है
- बैटर की रेस्टिंग: आटे का घोल बनाने के बाद उसे कम से कम 10 से 15 मिनट के लिए जरूर रेस्ट करने दें। इससे झंगोरे का आटा पानी को अच्छी तरह सोख लेता है और आस्का बहुत ही सॉफ्ट और स्पॉंजी बनता है
- घी की खुशबू: सेकते समय बीच-बीच में किनारों पर थोड़ा सा शुद्ध देशी घी या पहाड़ी सरसों का तेल टपकाएं। इससे आस्का की क्रिस्पनेस और टेस्ट दोनों कई गुना बढ
Serving & Pairing Suggestions (सर्विंग और पेयरिंग)
- पहाड़ी चाय के साथ: गरमा-गरम मीठे आस्का का असली मजा अदरक वाली कड़क पहाड़ी चाय या दूध के साथ आता है। बारिश या ठंड के मौसम में यह कॉम्बिनेशन सबसे बेस्ट लगता है
- मक्खन या मलाई के साथ: अगर आपको और ज्यादा रिच स्वाद पसंद है, तो आस्का के ऊपर एक चम्मच ताजा सफेद मक्खन (मक्खन) या घर की मलाई रखकर परोसें। यह मुंह में जाते ही घुल जाता है
- दही या रायता: कुछ लोग इसे मीठे के साथ-साथ ताजे ठंडे दही या हल्की मसालेदार चटनी के साथ भी खाना पसंद करते हैं, जिससे खट्टा-मीठा शानदार स्वाद मिलता है
- पर मुझे तो प्लेन दही के साथ बहुत मजा आता है मां कसम
- पारंपरिक परोसने का तरीका: इसे पीतल या लोहे की थाली में गरमा-गरम परोसें और ऊपर से हल्का सा घी लगाकर सर्व करें
स्टोरेज और दोबारा गर्म करने का तरीका (Storage & Reheating)
- स्टोर कैसे करें (How to Store)
- अगर आस्का बच जाए , तो इन्हें पूरी तरह से ठंडा होने दें।
- इसके बाद इन्हें एक एयर-टाइट डिब्बे (Air-tight container) में रखें
- सामान्य तापमान (Room Temperature) पर यह 1 दिन तक ठीक रहता है। अगर आप इसे 2 से 3 दिन तक चलाना चाहते हैं, तो फ्रिज में स्टोर कर सकते हैं
- दोबारा गर्म कैसे करें (How to Reheat):
- तवे पर (बेस्ट तरीका): फ्रिज या डिब्बे से निकाले हुए आस्का को फिर से सॉफ्ट और क्रिस्पी बनाने के लिए, तवे पर थोड़ा सा घी लगाएं। आस्का रखकर धीमी आंच पर दोनों तरफ से हल्का गर्म कर लें। इससे यह बिल्कुल ताजे जैसा हो जाएगा
- पर दोस्तो सही बात बताऊं तो मुझे बासी 1 दिन पहले के असके बहुत ज्यादा टेस्टी लगते है और मैं तो ठंडा ही ज्यादा पसंद करता हु अपने घर पर और मेरे घर पर इसको रात को जब बच जाते है तो रूम tampregar पर ही रखते है फिर सुबह ठंडे ही खाते है बहुत ज्यादा टेस्टी होता है
Pahadi Aska Recipe’ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
- Q1: क्या झंगोरे की जगह सिर्फ दूसरे आटों का इस्तेमाल किया जा सकता है?
- उत्तर: हाँ, आप चाहें तो सिर्फ गेहूं, चावल,और मडुवे (रागी) से भी बना सकते हैं, लेकिन झंगोरे का आटा मिलाने से इसमें असली पारंपरिक पहाड़ी स्वाद और सौंधापन आता है मेरे पहाड़ों में सिर्फ झंगोरा और मक्के के मिक्स आटे का ही बनता है
- Q2: आस्का बनाते वक्त यह तवे पर क्यों चिपक जाता है?
- उत्तर: अगर तवा अच्छी तरह गरम न हो या तवे पर ठीक से घी/तेल न लगाया गया हो, तो बैटर चिपक सकता है। हमेशा अच्छी तरह गरम किए हुए और चिकने किए गए तवे (खासकर लोहे के तवे) का इस्तेमाल करें
- Q3: क्या इसमें गुड़ की जगह चीनी का इस्तेमाल किया जा सकता है?
- उत्तर: बिल्कुल, आप गुड़ की जगह चीनी या शक्कर (खांड) का इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन पारंपरिक और असली स्वाद गुड़ या गुड़ के बूरे से ही आता है
- Q4: क्या इसे बिना घी के सिर्फ तेल में बनाया जा सकता है?
- उत्तर: हाँ, आप इसे पहाड़ी सरसों के तेल या किसी भी रिफाइंड ऑयल में बना सकते हैं। हालांकि, शुद्ध घी में इसका स्वाद सबसे बेहतरीन लगता है
पोषण मूल्य प्रति सर्विंग (Nutritional Value per Serving)
| कैलोरी (Calories) | लगभग 350 से 400 किलोकैलोरी |
| कार्बोहाइड्रेट (Carbohydrates) | लगभग 65 से 75 ग्राम (मुख्य रूप से झंगोरे, मिक्स आटे और गुड़ से) |
| प्रोटीन (Protein) | लगभग 7 से 9 ग्राम (मक्के के आटे और झंगोरे में मौजूद प्राकृतिक प्रोटीन) |
| फैट / वसा (Fat) | लगभग 8 से 12 ग्राम (सेकने में इस्तेमाल किए गए घी या तेल से) |
| फाइबर / फाइबर (Dietary Fiber) | लगभग 5 से 7 ग्राम (मक्का और झंगोरा दोनों ही फाइबर से भरपूर होते हैं, जो पेट के लिए बहुत फायदेमंद हैं) |
| आयरन और मिनरल्स (Iron & Minerals) | गुड़, मक्के और झंगोरे के मेल से इसमें भरपूर मात्रा में आयरन, मैग्नीशियम और ऊर्जा मिलती है |
झंगोरे और मक्के के आस्का खाने के फायदे और नुकसान (Benefits & Side Effects)
| खाने के फायदे (Benefits) | खाने के नुकसान (Side Effects) |
| पाचन तंत्र के लिए फायदेमंद: झंगोरे और मक्के के आटे में भरपूर फाइबर होता है, जिससे पाचन क्रिया दुरुस्त रहती है और पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस होता है | वजन बढ़ सकता है: इसमें कार्बोहाइड्रेट और गुड़ की मात्रा अधिक होती है, इसलिए यदि इसका बहुत अधिक सेवन किया जाए तो वजन और कैलोरी बढ़ सकती है |
| एनर्जी और ताकत देता है: इसमें मौजूद नेचुरल कॉम्प्लेक्स कार्ब्स और गुड़ शरीर को तुरंत ऊर्जा देते हैं, जिससे कमजोरी दूर होती है और ठंड या थकान में राहत मिलती है | पाचन में भारीपन: मक्के का आटा तासीर में भारी होता है, इसलिए जिन लोगों का पाचन कमजोर हो उन्हें रात के समय या अत्यधिक मात्रा में खाने से गैस या भारीपन की समस्या हो सकती है |
| हड्डियों और सेहत के लिए बढ़िया: मक्के और झंगोरे में प्राकृतिक रूप से आयरन, कैल्शियम और मिनरल्स पाए जाते हैं, जो हड्डियों को मजबूत बनाने और शरीर में खून की कमी को दूर करने में मदद करते हैं | ब्लड शुगर पर असर: गुड़ और मक्के के कारण इसमें नेचुरल शुगर और ग्लाइसेमिक इंडेक्स होता है, इसलिए डायबिटीज (मधुमेह) के मरीजों को इसका सेवन बहुत सीमित मात्रा में करना चाहिए |

उत्तराखंड का पारंपरिक मीठा आस्का – झंगोरा और मक्का रेसिपी
घर पर आसानी से बनाएं उत्तराखंड की प्रसिद्ध पारंपरिक और स्वादिष्ट मीठे आस्का रेसिपी।
Ingredients
Equipment
Method
- घोल तैयार करें एक बर्तन में थोड़ा पानी लें और उसमें थोड़ा सा गुड़ या चीनी घोल लें। अब इसमें झंगोरे का आटा, मक्के का आटा और सौंफ/इलायची पाउडर डालकर मध्यम गाढ़ा बैटर फेंट लें। इसे 10 मिनट के लिए रख दें
- (तवा गरम करें)लोहे या नॉन-स्टिक तवे को मध्यम आंच पर गर्म करें और हल्का सा घी या तेल लगाकर चिकना कर लें।
- (आस्का फैलाएं):एक बड़ा चमचा बैटर तवे के बीच में डालें और हल्के हाथों से गोल फैला लें (इसे थोड़ा मोटा रखें)
- (ऊपर से गुड़ डालें):बैटर फैलाते ही तुरंत उसके ऊपर बारीक किया हुआ गुड़ या गुड़ का बूरा समान रूप से छिड़क दें
- (धीमी आंच पर पकाएं):आंच धीमी कर दें और ढक्कन लगा दें। इसे सिर्फ एक तरफ से तब तक पकने दें जब तक नीचे की परत सुनहरी और क्रिस्पी न हो जाए और ऊपर से गुड़ पिघलकर रच-बस जाए
- (परोसें):गरमा-गरम आस्का को चाय या मक्खन के साथ परोसें
Notes
आस्का को हमेशा धीमी आंच और लोहे के तवे पर पकाएं, ताकि यह अंदर तक अच्छे से पक जाए और इसका पारंपरिक स्वाद बरकरार रहे।
मीठे का विकल्प: आप गुड़ की जगह गुड़ के बूरे या शक्कर का भी इस्तेमाल कर सकते हैं, जो बैटर में आसानी से घुल जाता है पर पहाड़ी पारम्परिक में गुड़ ही सबसे बेस्ट हैं
सर्व करने का तरीका: गरमा-गरम मीठे आस्का का असली मजा सुबह की चाय या ताजे दही, और मक्खन, के साथ आता है
निष्कर्ष (Conclusion)
- (Pahadi Aska Recipe) उत्तराखंड के पारंपरिक स्वाद और सोंधेपन से भरपूर झंगोरे और मक्के के आटे का मीठा आस्का न सिर्फ खाने में बेहद स्वादिष्ट होता है, बल्कि सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद है।
- पहाड़ों की ठंडी हवाओं के बीच गरमा-गरम चाय के साथ इस पारंपरिक व्यंजन का मजा ही कुछ और है।
- अगर आपने भी इस रेसिपी को अपने घर पर ट्राई किया है, तो यह पारंपरिक आस्का कैसा बना
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अगर आपको पहाड़ी व्यंजन पसंद हैं, तो आप हमारी Gahat ki dal recipe in Hindi भी देख सकते हैं
Chef chain singh 🙏
