Ingredients
Method
- सीक्रेट दाल का पेस्ट तैयार करना रातभर भीगी हुई गहत (कुंवर) की दाल को अच्छे से धोकर उसका पूरा पानी निकाल लें। अब मिक्सी के जार में गहत की दाल, अदरक, लहसुन, हरी मिर्च और हरा धनिया डालें। इसमें हींग, नमक, हल्दी, धनिया पाउडर और पहाड़ी नींबू का जूस (या अमचूर) भी मिला लें। ज़रूरी टिप: बिना पानी डाले (या सिर्फ 1-2 चम्मच पानी छिड़ककर) इसे एक गाढ़ा और हल्का दरदरा पेस्ट पीस लें। अंत में इसमें 2 चम्मच चावल का आटा मिलाकर अच्छी तरह मिक्स कर लें।
- पतो की तैयारी अरबी के पत्तों को पानी से अच्छी तरह धोकर सूती कपड़े से सुखा लें। अब एक चाकू की मदद से पत्तों के पीछे की जो मोटी नसें (veins) होती हैं, उन्हें काटकर समतल (फ्लैट) कर लें। ऐसा करने से पत्ते रोल करते समय फटेंगे नहीं।
- लेयर (परतें) बनाना एक बड़ी थाली या साफ प्लेटफॉर्म पर सबसे बड़ा पत्ता उल्टा करके (यानी डार्क साइड नीचे और लाइट साइड ऊपर) रखें। इसके ऊपर गहत औकर चावल के आटे का गाढ़ा पेस्ट लगाएं। अब इसके ऊपर दूसरा पत्ता पहली वाली दिशा के उल्टे रुख में रखें और फिर से पेस्ट लगाएं। इसी तरह 4 से 5 पत्तों की एक के ऊपर एक लेयर बना लें।
- टाइट रोल बनाना अब पत्तों के दाएं और बाएं किनारों को थोड़ा अंदर की तरफ मोड़ें, फिर नीचे से ऊपर की तरफ दबाते हुए एक टाइट रोल (Cylinder) बना लें। आखिर में थोड़ा सा पेस्ट लगाकर रोल को अच्छी तरह चिपका दें ताकि वह खुले नहीं।
- भाप (Steam) में पकाना। एक बड़ी कढ़ाई में स्टैंड रखें और 2 गिलास पानी डालकर गरम करें। स्टैंड के ऊपर एक जालीदार प्लेट (जिस पर थोड़ा तेल लगा हो) रख दें। पानी उबलने पर तैयार किए गए पत्तों के रोल्स को इस प्लेट पर रखें। कढ़ाई को ढक्कन से ढककर मध्यम आंच पर 15-20 मिनट तक भाप में पकने दें।
- जखिया का कड़क तड़का और फ्राई जब रोल्स भाप में अच्छी तरह पक जाएं, तो उन्हें बाहर निकालकर पूरी तरह ठंडा होने दें। ठंडा होने के बाद एक तेज चाकू से इन्हें आधे इंच के गोल टुकड़ों (पत्यूड़) में काट लें। अब एक लोहे की कढ़ाई में सरसों का तेल गरम करें और उसमें जख्या का तड़का लगाएं। जखिया के चटकते ही पाठुर (पथूड़) के टुकड़ों को कढ़ाई में रखें। इन्हें मध्यम आंच पर दोनों तरफ से तब तक शैलो फ्राई करें जब तक कि ये सुनहरे (Golden) और एकदम क्रिस्पी न हो जाएं। गरमा-गरम पत्यूड़ को पुदीने की चटनी या पहाड़ी पिसे नमक के साथ परोसें।
Notes
खास टिप्स
1.पत्यूड़ को हमेशा सरसों के तेल में ही फ्राई करें, इससे इसका पारंपरिक पहाड़ी स्वाद निखर कर आता है।
2. अरबी के पत्तों से कभी-कभी गले में हल्की खराश या खुजली हो सकती है, इसलिए बेसन के पेस्ट में नींबू का रस या अमचूर पाउडर डालना बिल्कुल न भूलें। खट्टापन इस खराश को पूरी तरह खत्म कर देता है
